Thursday, July 31, 2008

मेहदी हसन साहब की कक्षा में जानिये "आवारा गाना" क्या होता है

मेरे पास मेहदी हसन साहब का एक तीन सीडी वाला सैट है. विशुद्ध शास्त्रीय शैली में गाई उस्ताद की ग़ज़लों की इस पूरी श्रृंखला के नगीने मैं, जब-तब एक-एक कर आपकी खि़दमत में पेश करूंगा. आज आप बस उस्ताद को बोलते हुए सुनिए. महफ़िल शुरू करने से पहले वे अपने गायन का संक्षिप्त इतिहास बताते हुए ग़ज़ल-गायकी और शास्त्रीय संगीत की बारीकियों को तो बताते ही हैं, उर्दू शायरी के बड़े नामों का ज़िक्र भी बहुत अदब और मोहब्बत के साथ करते हैं.

मेहदी हसन साहब को चाहने वालों के लिए यह बहुत ख़ास प्रस्तुति:


3 comments:

Neeraj Rohilla said...

अशोकजी,
इस प्रस्तुति के लिये बहुत आभार, बडे उस्तादो के माध्यम से ही ऐसी जानकारियाँ मिल सकती हैं ।

vimal verma said...

Itni saari achchhi baatein mehdi hasan saahab kee aawaz mein sunayaa hai aapne...bahut achchha kaam kar rahe hain aap log...bahut bahut shukriya

Udan Tashtari said...

प्रस्तुति के लिये बहुत आभार,