Monday, September 29, 2008

दिल की बात कही नहीं जाती ...: "मीर" ... "बेग़म अख्तर"

आज एक बार फिर "बेग़म अख्तर" ....

और "मीर" ............

क्या करूं .. न अख्तरी बाई का कोई जवाब है न मीर का ... चचा ग़ालिब ही जब कह गए :

"रेख़्ते के तुम्हीं उस्ताद नहीं हो 'ग़ालिब'
कहते हैं अगले ज़माने में कोई 'मीर' भी था"







दिल की बात कही नहीं जाती चुप के रहना ठाना है
हाल अगर है ऐसा ही तो जी से जाना जाना है


सुर्ख कभू है आँसू हो के ज़र्द कभू है मुंह मेरा
क्या क्या रंग मुहब्बत के हैं ये भी एक ज़माना है


फुर्सत है याँ कम रहने की बात नहीं कुछ कहने की
आँखें खोल के कान जो खोलो, बज्म-ए-जहाँ अफ़साना है


तेग़ तले ही उस के क्यों ना गर्दन डाल के जा बैठें
सर तो आख़िरकार हमें भी ख़ाक की ओर झुकाना है

8 comments:

PREETI BARTHWAL said...

खूबसूरत वाह

Ashok Pande said...

"अल्लाह करे मीर का जन्नत में हो मकां" - यूं ही नहीं कह गए इंशा साहब!

उफ़ ...

तेग़ तले ही उस के क्यों ना गर्दन डाल के जा बैठें
सर तो आख़िरकार हमें भी ख़ाक की ओर झुकाना है

... जै हो!

संजय पटेल said...

वाह मीत भाई क्या बला की चीज़ सुनाई है आपने।
आज ही एक मित्र ने बाईजी की गाई एक राजस्थानी आयटम का ज़िक्र किया था और शाम ढले ये कहर…रात कैसे कटेगी ?

seema gupta said...

दिल की बात कही नहीं जाती चुप के रहना ठाना है
हाल अगर है ऐसा ही तो जी से जाना जाना है
"very touching one"

Regards

rakhshanda said...

सुर्ख कभू है आँसू हो के ज़र्द कभू है मुंह मेरा
क्या क्या रंग मुहब्बत के हैं ये भी एक ज़माना है


फुर्सत है याँ कम रहने की बात नहीं कुछ कहने की
आँखें खोल के कान जो खोलो, बज्म-ए-जहाँ अफ़साना है


तेग़ तले ही उस के क्यों ना गर्दन डाल के जा बैठें
सर तो आख़िरकार हमें भी ख़ाक की ओर झुकाना है
वाह, दीवाना कर जाती है ये ग़ज़ल....बहुत बहुत खूबसूरत...

हिन्दुस्तानी एकेडेमी said...

आप हिन्दी की सेवा कर रहे हैं, इसके लिए साधुवाद। हिन्दुस्तानी एकेडेमी से जुड़कर हिन्दी के उन्नयन में अपना सक्रिय सहयोग करें।

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सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्रयम्बके गौरि नारायणी नमोस्तुते॥


शारदीय नवरात्र में माँ दुर्गा की कृपा से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों। हार्दिक शुभकामना!
(हिन्दुस्तानी एकेडेमी)
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irdgird said...

सुनकर दिल बाग-बाग हुआ जी।

एस. बी. सिंह said...

आख़िर दिल की बात कहने का इससे बढ़िया अंदाज़ क्या होगा। सुनवाने का शुक्रिया।